If you love emotional and heart-touching poetry, Intezar Shayari 2 Lines shows the pain and hope of waiting.
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Read and feel how Intezar Shayari 2 Lines turns waiting into deep, meaningful poetry.
Intezar Shayari 2 Lines

बात तो सिर्फ एक रात की थी मगर
इंतज़ार आपका उम्र भर कर लिया।
इंतज़ार यार में भी लुत्फ़ कमाल है
नज़रें किताब पर सोचें जनाब पर।
मुक़द्दर की ज़ंजीरों से बंधे हम बेबस लोग
उम्र गुज़ार देते हैं मौजज़े के इंतज़ार में।
शदीद इतना रहा तेरा इंतज़ार मुझे
के वक़्त मिन्नतें करता रहा गुज़ार मुझे।
जागूं तो सामने हो मेरे यार का चेहरा
रब्बा कोई ऐसी नींद तू मुझे भी सिला दे।
इस इंतज़ार में बैठे हैं उनकी महफ़िल में
के वो निगाह उठाएँ तो हम सलाम करें।
मत ढूंढ अंधेरों में कुछ पाएगा नहीं
उसका भी क्या इंतज़ार करना जो कभी आएगा ही नहीं।
दिल के दरवाज़े पर यूँ तो दस्तकें बहुत हुईं
मगर उस एक शख़्स का इंतज़ार आज भी है।
बड़ी शिद्दत से इंतज़ार में हूँ
मेरी मय्यत पर मिलने का वादा है उनका।
हम उसकी आस में यूँ बैठे हैं
जैसे ला-इलाज को इंतज़ार हो मौत का।
उसकी याद में बैठे हैं
नींद से कहो इंतज़ार करे।
अब की बार भी कह सके ना हाल दिल अपना
इंतज़ार किए बैठे हैं अगली मुलाक़ात का।
जानता है के वो ना आएंगे
फिर भी मसरूफ़ इंतज़ार है दिल।
जानलेवा थीं ख़्वाहिशें वरना
वस्ल से इंतज़ार अच्छा था।
मुझ को ये आरज़ू वो उठाएँ नक़ाब खुद
उन को ये इंतज़ार तकाज़ा करे कोई।
Heart Touching Intezar Shayari in Hindi

ख़त्म होने को है देखो ये चिरागों का सफ़र
अब तो आ जाओ के जलने लगा है दिल मेरा।
उनकी आवाज़ सुनने को बेकरार रहते हैं
शायद इसी को दुनिया में प्यार कहते हैं
काटने से भी जो न कटे वक़्त
उसी को मोहब्बत में इंतज़ार कहते हैं।
तेरे इंतज़ार के मारे हैं हम
सिर्फ तेरी ही यादों के सहारे हैं हम।
तुझे चाहा था जितना इस दुनिया से
और आज तेरे ही हाथों हारे हैं हम।
किश्तों में खुदकुशी कर रही है ये ज़िंदगी
इंतज़ार तेरा… मुझे पूरा मरने भी नहीं देता।
अब कैसे कहूँ के तुझसे प्यार है कितना
तू क्या जाने तेरा इंतज़ार है कितना।
तुम देखना ये इंतज़ार रंग लाएगा ज़रूर
एक रोज़ आँगन में मौसम-ए-बहार आएगी ज़रूर।
कहीं वो आ के मिटा न दे इंतज़ार का लुत्फ
कहीं क़ुबूल न हो जाए इल्तिजा मेरी।
जीने की ख़्वाहिश में हर रोज़ मरते हैं
वो आए न आए, हम इंतज़ार करते हैं
झूठा ही सही मेरे यार का वादा
हम सच मानकर ऐतबार करते हैं।
Love Wait Shayari In Hindi
आदतन तुमने कर दिए वादे,
आदतन हमने भी ऐतबार किया,
तेरी राहों में हर बार रुककर,
हमने अपना ही इंतज़ार किया।
झुकी हुई पलकों से उनका दीदार किया,
सब कुछ भुला के उनका इंतज़ार किया,
वो जान ही न पाए जज़्बात मेरे,
जिन्हें दुनिया से बढ़कर मैंने प्यार किया।
शब-ए-इंतज़ार की कशमकश में
न पूछ कैसे सहर हुई,
कभी एक चिराग जला दिया
कभी एक चिराग बुझा दिया।
पलकों पर रुका है समंदर ख़ुमार का,
कितना अजब नशा है तेरे इंतज़ार का।
मिलने से भी अज़ीज़ है मिलने की आरज़ू,
है वस्ल से भी ज़्यादा मज़ा इंतज़ार में।
इक मैं कि इंतज़ार में घड़ियाँ गिना करूँ,
इक तुम कि मुझसे आँख चुराकर चले गए।
फिर मुक़द्दर की लकीरों में लिख दिया इंतज़ार,
फिर वही रात का आलम और मैं तन्हा-तन्हा।
कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ़,
किसी की आँख में हमको भी इंतज़ार दिखे।
कमाल-ए-इश्क़ तो देखो वो आ गए लेकिन,
वही है शौक़ वही इंतज़ार बाक़ी है।
ये इंतज़ार सहर का था या तुम्हारा था,
दिया जलाया भी मैंने दिया बुझाया भी।
Best Shayari For Intezar
मुद्दत हुई पलक से पलक आशना नहीं,
क्या इससे अब ज़्यादा करे इंतज़ार चश्म।
दिल जलाओ या दिए आँखों के दरवाज़े पर,
वक़्त से पहले तो आते नहीं आने वाले।
तमाम उम्र तेरा इंतज़ार कर लेंगे,
मगर ये रंज रहेगा कि ज़िंदगी कम है।
उसे भुला दे मगर इंतज़ार बाकी रख,
हिसाब साफ़ न कर कुछ हिसाब बाकी रख।
ये आँखें कुछ तलाशती रहती हैं,
कोई तो है जिस का इन्हें इंतज़ार है।
रात भर जागते रहने का सिला है शायद,
तेरी तस्वीर सी महताब में आ जाती है।
जान देने का कहा मैंने तो हँसकर बोले,
तुम सलामत रहो हर रोज़ के मरने वाले,
आख़िरी वक़्त भी पूरा न किया वादा-ए-वस्ल,
आप आते ही रहे मर गए मरने वाले।
झोंका इधर से न आए नसीम-ए-बहार का,
नाज़ुक बहुत है फूल चराग-ए-मज़ार का,
फिर बैठे बैठे वादा-ए-वस्ल उसने कर दिया,
फिर उठ खड़ा हुआ वही रोग इंतज़ार का।
तेरे इंतज़ार में कब से उदास बैठे हैं,
तेरे दीदार में आँखें बिछाए बैठे हैं,
तू एक नज़र हम को देख ले बस,
इस आस में कब से बेकरार बैठे हैं।
Beautiful Shayari on Intezar

अब तेरी मोहब्बत पर मेरा हक तो नहीं सनम,
फिर भी आखिरी साँस तक तेरा इंतज़ार करेंगे।
उठा कर चूम ली हैं चंद मुरझाई हुई कलियाँ,
तुम न आए तो यूँ जश्न-ए-बहारां कर लिया मैंने।
इंतज़ार-ए-फ़स्ल-ए-गुल में खो चुके आँखों के नूर,
और बहार-ए-बाग़ लेती ही नहीं आने का नाम।
ग़ज़ब किया तेरे वादे पर ऐतबार किया,
तमाम रात किया क़यामत का इंतज़ार किया।
ऐ मौत उन्हें भुलाए ज़माने गुज़र गए,
आ जा कि ज़हर खाए ज़माने गुज़र गए,
ओ जाने वाले आ कि तेरे इंतज़ार में,
रास्ते को घर बनाए ज़माने गुज़र गए।
रहेगा इश्क़ तेरा ख़ाक में मिला के मुझे,
कि इब्तिदा में हुए रंज इंतिहाँ के मुझे,
दिए हैं हिज्र में दुख-दर्द बला के मुझे,
शब-ए-फ़िराक़ ने मारा है लिटा-लिटा के मुझे।
आँखें भी मेरी पलकों से सवाल करती हैं,
हर वक़्त आपको ही बस याद करती हैं,
जब तक ना कर लें दीदार आपका,
तब तक वो आपका इंतज़ार करती हैं।
इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा,
यादें कटती हैं ले ले कर नाम तेरा,
मुद्दत से बैठे हैं यह आस पाले,
कि कभी तो आएगा कोई पैग़ाम तेरा।
Intezar Par Shayari In Hindi
कोई शाम आती है आपकी याद लेकर,
कोई शाम जाती है आपकी याद देकर,
हमें तो इंतज़ार है उस हसीन शाम का,
जो आए कभी आपको अपने साथ लेकर।
टूट गया दिल पर अरमां वही है,
दूर रहते हैं फिर भी प्यार वही है,
जानते हैं कि मिल नहीं पाएंगे,
फिर भी इन आँखों में इंतज़ार वही है।
कोई मिलता ही नहीं हमसे हमारा बनकर,
वो मिले भी तो एक किनारा बनकर,
हर ख़्वाब टूट के बिखरा काँच की तरह,
बस एक इंतज़ार है साथ सहारा बनकर।
मत इंतज़ार कराओ हमें इतना,
कि वक़्त के फैसले पर अफ़सोस हो जाए,
क्या पता कल तुम लौटकर आओ,
और हम खामोश हो जाएँ।
बेखुदी ले गई कहाँ हमको,
देर से इंतज़ार है अपना,
रोते फिरते हैं सारी-सारी रात,
अब यही बस रोज़गार है अपना।
कभी ख़ुशी से ख़ुशी की तरफ नहीं देखा,
तुम्हारे बाद किसी की तरफ नहीं देखा.
ये सोच कर कि तुम्हारा इंतज़ार लाज़िम है,
तमाम उम्र घड़ी की तरफ नहीं देखा।.
मुझको अब तुझ से मोहब्बत नहीं रही,
ऐ ज़िंदगी तेरी भी मुझे ज़रूरत नहीं रही.
बुझ गए अब उसके इंतज़ार के वो दिए,
कहीं आस-पास भी उस की आहट नहीं रही।.
उनका भी कभी हम दीदार करते थे,
उनसे भी कभी हम प्यार करते थे.
क्या करें जो उनको हमारी ज़रूरत न थी
पर फिर भी हम उनका इंतज़ार करते थे।.
मुझे हर पल तेरा इंतज़ार रहता है,
हर लम्हा मुझे तेरा एहसास रहता है.
तुझ बिन धड़कनें रुक सी जाती हैं,
कि तू दिल में धड़कन बनके रहता है।.
Intezar Ki Shayari
क़ासिद पयाम-ए-शौक को देना बहुत न तूल,
कहना फ़क़त ये उनसे कि आँखें तरस गईं।
मेरे दिल की उम्मीदों का हौसला तो देखो,
इंतज़ार उसका है जिसे मेरा एहसास तक नहीं।
उसी तरह से हर इक ज़ख्म खुशनुमा देखे,
वो आए तो मुझे अब भी हरा-भरा देखे.
गुज़र गए हैं बहुत दिन रफ़ाक़त-ए-शब में.
इक उम्र हो गई चेहरा वो चाँद-सा देखे।
इस शहर-ए-बे-चराग में जाएगी तू कहाँ,
आ ऐ शब-ए-फ़िराक तुझे घर ही लें चलें।
यक़ीन है कि न आएगा मुझसे मिलने कोई,
तो फिर ये दिल को मेरे इंतज़ार किसका है।
कभी किसी का जो होता था इंतज़ार हमें,
बड़ा ही शाम-ओ-सहर का हिसाब रखते थे।
कब आ रहे हो मुलाकात के लिये,
हमने चाँद रोका है एक रात के लिये।
वस्ल का दिन और इतना मुख़्तसर,
दिन गिने जाते थे इस दिन के लिए।
हालात कह रहे हैं मुलाकात नहीं मुमकिन,
उम्मीद कह रही है थोड़ा इंतज़ार कर।
Top Intezar Sad Shayari
आँखें रहेंगीं शाम-ओ-सहर मुन्तज़िर तेरी,
आँखों को सौंप देंगे तेरा इंतज़ार हम।
हर आहट पर साँसें लेने लगता है,
इंतज़ार भी भला कभी मरता है।
ये जो पत्थर है आदमी था कभी,
इस को कहते हैं इंतज़ार मियाँ।
रात क्या होती है हमसे पूछिए,
आप तो सोए सवेरा हो गया।
न जाने कब का पहुँच भी चुका सर-ए-मंज़िल,
वो शख्स जिस का हमें इंतज़ार राह में है।
तू याद करे न करे तेरी ख़ुशी,
हम तो तुझे याद करते रहते हैं.
तुझे देखने को दिल तरसता रहता है,
और हम तेरा इंतज़ार करते रहते हैं।.
उम्र-ए-दराज़ माँग कर लाए थे चार दिन,
दो आरज़ू में कट गए दो इंतज़ार में।
आप करीब ही न आए इज़हार क्या करते,
हम खुद बने निशाना तो शिकार क्या करते.
साँसें साथ छोड़ गईं पर खुली रखी आँखें.
इस से ज़्यादा किसी का इंतज़ार क्या करते।.
अब तेरी मोहब्बत पर मेरा हक तो नहीं सनम,
फिर भी आखिरी साँस तक तेरा इंतज़ार करेंगे।
इंतजार शायरी दो लाइन
जानता है कि वो न आएंगे,
फिर भी मसरूफ़ इंतज़ार है दिल।
जानलेवा थीं ख्वाहिशें वरना,
वस्ल से इंतज़ार अच्छा था।
मुझको ये आरज़ू वो उठाएँ नक़ाब खुद,
उनको ये इंतज़ार तकाज़ा करे कोई।
अब की बार भी कह सके न हाल-ए-दिल अपना,
इंतज़ार किए बैठे हैं अगली मुलाकात का।
बात तो सिर्फ एक रात की थी मगर,
इंतज़ार आपका उम्र भर कर लिया।
इंतज़ार यार में भी लुत्फ़ कमाल है,
नज़रें किताब पर, सोचें जनाब पर।
मुक़द्दर की ज़ंजीरों से बंधे हम बेबस लोग,
उम्र गुज़ार देते हैं मोज़ज़े के इंतज़ार में।
शदीद इतना रहा तेरा इंतज़ार मुझे,
कि वक़्त मिन्नतें करता रहा गुज़ार मुझे।
जागूँ तो सामने हो मेरे यार का चेहरा,
रब्बा कोई ऐसी नींद तू मुझे भी सिला दे।
हम उसकी आस में यूँ बैठे हैं,
जैसे ला-इलाज को इंतज़ार हो मौत का।
उसकी याद में बैठे हैं,
नींद से कहो इंतज़ार करे।
इस इंतज़ार में बैठे हैं उनकी महफ़िल में,
कि वो निगाह उठाएँ तो हम सलाम करें।
मत ढूँढ अँधेरों में, कुछ पाएगा नहीं,
उसका भी क्या इंतज़ार करना जो कभी आएगा ही नहीं।
दिल के दरवाज़े पर यूँ तो दस्तकें बहुत हुईं,
मगर उस एक शख्स का इंतज़ार आज भी है।
बड़ी शिद्दत से इंतज़ार में हूँ,
मेरी मय्यत पर मिलने का वादा है उनका।
Conclusion
Discover the emotions behind every line and let Intezar Shayari 2 Lines touch your heart deeply.
These lines of shayari prove why Intezar Shayari 2 Lines is perfect for expressing love, longing, and patience.